निरिक्षण में शिक्षा व भोजन व्यवस्था संतोषजनक पायी गई….
आजमगढ़, 25 फरवरी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश तथा माननीय जनपद न्यायाधीश, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पर्यवेक्षण समिति के सदस्यों ने बुधवार को बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान सम्प्रेक्षण गृह में साफ-सफाई औसत स्तर की पाई गई। इस पर समिति ने सहायक अधीक्षक को परिसर में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सहायक अधीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में गृह में कुल 119 बाल अपचारी निरुद्ध हैं, जिनमें जनपद आजमगढ़ के 49, मऊ के 24 तथा बलिया के 46 बाल अपचारी शामिल हैं।

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सम्प्रेक्षण गृह के अंदर कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जहां स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था है तथा पर्याप्त प्रकाश के लिए लाइटें लगी हुई हैं। बाल अपचारियों को पढ़ाने के लिए पांच शिक्षक—राजीव पाण्डेय, सुलक्षणा त्रिपाठी, धीरेन्द्र शास्त्री (बेसिक शिक्षा), रमेश चन्द्र एवं राजेश सिंह (माध्यमिक शिक्षा)—नियुक्त हैं।
भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक पाई गई। सहायक अधीक्षक ने बताया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जाता है। प्रातः नाश्ते में चना, पूड़ी व चाय, मध्य सुबह में मौसमी फल तथा दोपहर में छोला, चावल और रोटी दी गई। बाल अपचारियों से पूछताछ में भोजन को लेकर किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई। समिति ने खाद्यान्न स्टोर का भी निरीक्षण किया और वहां साफ-सफाई को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। मुकदमों की पैरवी के संबंध में पूछताछ पर बताया गया कि सभी बाल अपचारियों के लिए अधिवक्ता नामित हैं।
इसके अलावा, बाल अपचारियों को कला व पेंटिंग का प्रशिक्षण सप्ताह में दो दिन दिया जाता है। नाट्य एवं संगीत के लिए श्रीमती ऋचा त्रिपाठी तथा आर्ट क्राफ्ट के लिए श्री फूलचन्द्र नामित हैं। खेलकूद के लिए परिसर में बड़ा आंगन उपलब्ध है, जहां वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में सहायक अधीक्षक ने बताया कि सभी बाल अपचारी स्वस्थ हैं और किसी को गंभीर बीमारी नहीं है। समिति ने नियमित स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।







