अखिलेश यादव ने छापेमारी पर उठाए सवाल…
लखनऊ/बलिया। आयकर विभाग (आईटी) ने बुधवार सुबह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बलिया से विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ कई जिलों में छापेमारी की। लखनऊ स्थित उनके आवास, बलिया के रसड़ा स्थित घर, सोनभद्र में उनकी कंपनी के दफ्तर और कौशांबी में संचालित गिट्टी-बालू मिक्सिंग प्लांट पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
लखनऊ आवास पर सुबह-सुबह घेरा

बुधवार सुबह करीब 50 से अधिक आयकर अधिकारी कई गाड़ियों से लखनऊ स्थित विधायक आवास पहुंचे और परिसर को चारों ओर से घेर लिया। किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। टीम ने घर के भीतर मौजूद फाइलों, दस्तावेजों, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की गहन जांच शुरू की। छापेमारी की सूचना मिलते ही विधायक के समधी और मंत्री दिनेश सिंह के रिश्तेदार पूर्व विधायक राकेश सिंह भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
सोनभद्र में ‘बाराती बनकर’ पहुंची टीम- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित विधायक की कंपनी के दफ्तर पर भी आयकर विभाग की 12 गाड़ियों का काफिला पहुंचा। बताया जा रहा है कि कुछ गाड़ियों पर शादी के पंपलेट चस्पा थे, जिससे अधिकारी बाराती के रूप में पहुंचे और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी। यहां भी कंपनी के दस्तावेज, खातों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
बलिया और कौशांबी में भी सर्च- बलिया जिले के रसड़ा स्थित उनके पैतृक आवास पर भी टीम ने मेन गेट बंद कर अंदर सर्चिंग की। वहीं कौशांबी में विधायक के गिट्टी और बालू मिक्सिंग प्लांट को भी अधिकारियों ने घेर लिया और कर्मचारियों से पूछताछ की।
CAG रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की चर्चा- सूत्रों के मुताबिक, अगस्त 2025 में आई Comptroller and Auditor General of India (CAG) की रिपोर्ट में विधायक की कंपनी पर 33,604 घनमीटर गिट्टी के अवैध खनन का आरोप सामने आया था, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही गई थी। माना जा रहा है कि उसी रिपोर्ट के आधार पर आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है। हालांकि विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं विधायक
उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक हैं और वर्तमान में बसपा के इकलौते विधायक बताए जा रहे हैं। वे चौथे स्टेज के ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं। हाल ही में वे अमेरिका से उपचार कराकर लौटे हैं और फिलहाल लखनऊ आवास पर आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं।
मंत्री दिनेश सिंह ने जताई नाराजगी

छापेमारी को लेकर मंत्री दिनेश सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह गंभीर रूप से बीमार हैं और जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे समय में की गई कार्रवाई संवेदनहीनता दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि घर में डॉक्टर और नर्स को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। यदि विधायक को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं की होगी।
अखिलेश यादव का हमला- इस कार्रवाई पर सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है और सत्ता पक्ष के करीबी लोगों पर ऐसी कार्रवाई नहीं होती।
मायावती से नजदीकी

बसपा प्रमुख Mayawati से उमाशंकर सिंह की करीबी भी चर्चा में रही है। बताया जाता है कि मायावती ने उन्हें राखी बांधी थी। 5 मार्च 2025 को उनकी तबीयत बिगड़ने पर मायावती स्वयं उनके आवास पहुंचकर हालचाल लिया था।
54 करोड़ की संपत्ति, 13 करोड़ का कर्ज- 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, उमाशंकर सिंह की कुल संपत्ति लगभग 54.05 करोड़ रुपये है, जिसमें 18.05 करोड़ की चल और 35.99 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है। उन पर करीब 13 करोड़ रुपये का कर्ज भी दर्ज है। उनकी ‘छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन्स’ नामक कंपनी सड़क निर्माण और खनन क्षेत्र में सक्रिय रही है। उनकी पत्नी पुष्पा सिंह ‘सीएस इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड’ की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से जुड़ी कंपनी है।
फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। प्रदेश की सियासत में इस छापेमारी को लेकर हलचल तेज हो गई है।







