छात्रों को ऑनलाइन ठगी व डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से अन्य लोगो को जागरूक करने का अनुरोध……
आजमगढ़। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में बुधवार को सनवीम स्कूल, मुस्कुरा (आजमगढ़) में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल, प्रभारी साइबर सेल सागर कुमार रंगू और मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया और सुरक्षित व जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की।

पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल व लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, जॉब फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इनसे बचाव के प्रभावी उपाय भी बताए गए। संवादात्मक सत्र में छात्रों के सवालों के दिए गए जवाब, कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल ने छात्र-छात्राओं के साथ संवादात्मक सत्र भी किया। इसमें साइबर सुरक्षा से जुड़े सवालों का सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया।

इस दौरान- साइबर ठगी होने पर तत्काल की जाने वाली कार्रवाई, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क के खतरे, मोबाइल गुम/चोरी या हैक होने पर सुरक्षा उपाय, ऑनलाइन पढ़ाई व गेमिंग के दौरान डेटा गोपनीयता और किशोरों के लिए जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड को लेकर किया गया सतर्क
पुलिस ने छात्रों को डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बारे में विशेष जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को CBI, पुलिस, ED या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर पैसे मांगते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसी किसी भी कॉल की स्थिति में तुरंत कॉल काटने, किसी को पैसे न भेजने और तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देने की अपील की गई।
हेल्पलाइन और पोर्टल की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर अपराध होने की स्थिति में पीड़ित राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सहायता ले सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
पुलिस ने यह भी बताया कि शिकायत दर्ज करते समय संबंधित साक्ष्य, स्क्रीनशॉट, कॉल विवरण और बैंक से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार व समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।




