गलवान घाटी में तैनाती के दौरान हुआ निधन, हजारों नम आंखों ने वीर सपूत को दी अंतिम सलामी……
आजमगढ़। अतरौलिया क्षेत्र के कटोही ग्राम सभा अंतर्गत खदेरू पट्टी गांव निवासी आईटीबीपी के वीर जवान कैप्टन अमर प्रताप सिंह (राहुल सिंह) का लद्दाख की गलवान घाटी में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। देश की रक्षा में समर्पित इस वीर सपूत को रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शोक और गर्व के भाव से भर उठा, शनिवार की रात करीब 10 बजे जैसे ही कैप्टन अमर प्रताप सिंह का पार्थिव शरीर पैतृक गांव खदेरू पट्टी पहुंचा, हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के क्षेत्रों से लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। “भारत माता की जय” और “अमर प्रताप सिंह अमर रहें” के नारों से गांव गूंज उठा, शहीद की माता चंपा देवी, पिता राणा सिंह, पत्नी कविता सिंह, पुत्र समर सिंह (13 वर्ष) और कार्तिकेय (9 वर्ष) तथा भाई हरिओम सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

रविवार की सुबह शहीद की शव यात्रा अंबेडकर नगर स्थित श्मशान घाट के लिए निकली, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। जिस मार्ग से शव यात्रा गुजरी, वहां लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम सलामी देते रहे।

आईटीबीपी की 18वीं बटालियन के कमांडेंट संतोष गहलोत के नेतृत्व में शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान आईटीबीपी के इंस्पेक्टर दीपू सिंह, सेनानायक संजय कुमार, उपजिलाधिकारी अभयराज पांडेय, क्षेत्राधिकारी अजय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार दुबे एवं एसआई पवन सिंह सहित अनेक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की, बताया गया कि अमर प्रताप सिंह वर्ष 2007 में आईटीबीपी की 16वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे गलवान घाटी में इंस्पेक्टर रैंक पर तैनात थे। दो जनवरी को छुट्टी बिताकर वे पुनः ड्यूटी पर लौटे थे।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने कहा कि अमर प्रताप सिंह जैसे वीर सपूतों की बदौलत ही देश सुरक्षित है। उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। पूरे क्षेत्र ने शहीद के परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।




