पर्ची व भुगतान के संकट से जूझ रहे किसान, गन्ने सहित थाने में बैठाए जाने से मचा हड़कंप!

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गन्ने को लेकर कड़वा हो रहा किसानों का अनुभव…..

महराजगंज (आजमगढ़)। स्थानीय विकासखंड के देवारांचल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन है। किसान सालभर कठिन परिश्रम कर गन्ने की फसल तैयार करता है और इसी आमदनी से पारिवारिक जिम्मेदारियों—जैसे बेटी की शादी, शिक्षा और घरेलू जरूरतों—को पूरा करने की योजना बनाता है। लेकिन गन्ना विभाग की लापरवाही, समय पर पर्ची न मिलने और भुगतान में लगातार हो रही देरी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि किसान मजबूरी में अपना गन्ना औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचने को विवश हैं, जिससे उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।

इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार की रात महराजगंज क्षेत्र में गन्ना किसानों को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया। देवारांचल क्षेत्र के करीब आधा दर्जन किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गन्ना लादकर अंबेडकर नगर के एक क्रॉसर पर बेचने जा रहे थे। तभी मुख्य गन्ना अधिकारी तीन वाहनों से लगभग दर्जनभर लोगों के साथ राजेसुल्तानपुर रोड स्थित उसुर कुढ़वा के पास पहुंचे और किसानों की ट्रॉलियों को रोक लिया। आरोप है कि किसानों को गन्ने सहित थाने में बैठा दिया गया। किसानों ने इस दौरान ट्रैक्टर चालकों व उनके साथ मौजूद लोगों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया।

घटना की सूचना मिलते ही ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि पारसनाथ यादव दोपहर करीब 12 बजे थाने पहुंचे और मुख्य गन्ना अधिकारी से बातचीत कर किसानों के साथ सामंजस्य बैठाने का अनुरोध किया। इसके बाद दोपहर लगभग 3:30 बजे गन्ना आयुक्त डॉ. वी.पी. सिंह थाने पहुंचे और किसानों से संवाद शुरू किया। किसानों ने अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि समय से पर्ची नहीं मिलती, पहले से बेचे गए गन्ने का भुगतान लंबित है और पर्ची जारी होने के बाद मात्र 72 घंटे में गन्ना तैयार कर मिल तक पहुंचाना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है।

हालांकि, किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने समस्याओं के ठोस समाधान की बजाय मिल के घाटे का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। थाने में बैठाए गए किसानों—अमरजीत यादव पुत्र रामाश्रय (निवासी हरपुरा खास), बंटाई किसान शैलेश यादव पुत्र स्वर्गीय रामकवल (निवासी बनौरा, थाना जीयनपुर), अंकित मिश्र पुत्र सुरेश मिश्र (रोशनगंज) और अवनीश यादव पुत्र प्रभुनाथ यादव (निवासी आराजी हुकहिया)—ने गन्ना छोड़े जाने और कथित मारपीट के मामले में न्याय की मांग की। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सैकड़ों किसान, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि और करीब आधा दर्जन ग्राम प्रधान थाने पहुंच गए। शाम करीब पांच बजे तक चली लंबी जद्दोजहद के बाद गन्ना अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि थाने में रोके गए गन्ने को किसान अपने किसी परिचित के कोड पर बेच सकेंगे और भविष्य में पर्चियों की संख्या बढ़ाकर गन्ना खरीद की व्यवस्था सुधारी जाएगी। इसके बाद जाकर स्थिति शांत हुई।

वहीं, जब पत्रकारों ने अधिकारियों से किसानों के साथ मारपीट के आरोपों पर सवाल किया तो उन्होंने पहले जवाब देने से कतराया और फिर “नो कमेंट” कहते हुए मौके से निकल गए। घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में आक्रोश व्याप्त है और वे पर्ची-भुगतान व्यवस्था में सुधार तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ZFM Times
Author: ZFM Times

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