सफल खिलाड़ी की पहली शर्त होती है अनुशासन प्रियता …. कुलपति
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ परिसर के शैक्षणिक भवन ब्लॉक 2 में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देशन में बृहद कबड्डी प्रतियोगिताआयोजित की गई, कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति ने विधिवत पूजा पाठ करके एवं सिक्का/टास उछाल कर किया। शुरुआती समय में चंदेश्वर पीजी कॉलेज ने टास जीतकर खेल की शुरुआत की।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि आज विश्वविद्यालय परिसर के शैक्षणिक भवन ब्लॉक 2 में विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालयों ने कबड्डी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु अपना पंजीकरण कराया । कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने कहा कि खिलाड़ी यह ध्यान रखें कि किसी भी प्रतियोगिता या खेल की पहली शर्त है कि हम अनुशासन में रहकर विजय की कामना करें। जहां तक जीत हार का प्रश्न है इस पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं आवश्यकता है कि हमने इतने बड़े आयोजन में प्रतिभाग किया साथ ही साथ कल विश्वविद्यालय परिसर में स्थित स्टेडियम में माननीय श्री राज्यपाल कुलाधिपति की प्रेरणा से तथा सेवा पखवाड़ा के तहत अपने परंपरागत खेल ,रस्सा कशी एवं गिल्ली डंडा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया ,जिसमें कई टीमों ने भाग लिया उसमें भी जीत हार के प्रति ध्यान न देकर आप यह ध्यान दें कि हमने परंपरागत खेलों में सहभाग किया। मेरे लिए सभी छात्र-छात्राएं विजई हैं। उन्होंने आयोजन समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया की इतनी शॉर्ट नोटिस पर इतना वृहद कार्यक्रम कर करके आप लोगों ने अपनी कुशल क्षमता का प्रदर्शन किया है ।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र वित्त अधिकारी श्री जे एन झा परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार तथा सहायक कुल सचिव डॉ. महेश कुमार श्रीवास्तव ने आयोजन समिति को इस खूबसूरत एवं अनुशासित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी को बधाई । अधिकारीगणों ने कहा आजमगढ़ विश्वविद्यालय में ऊर्जा की कोई कमी नहीं तथा विश्वविद्यालय के मुखिया प्रगति की नई इबारत लिख रहे हैं। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रशांत राय ने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने विश्वविद्यालय के नेतृत्व को जाता है क्योंकि यदि कुलपति महोदय हमारे पक्ष में सकारात्मक सहयोग नहीं करते तो इतना बड़ा आयोजन संभव नहीं था इसके लिए मैं अधिकारीगणों कर्मचारी गणों तथा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सभी सहयोगी मित्रों को हृदय से आभार। मैं सभा करने वाले महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रबंधकों के प्रति भी आभार ज्ञापित करता हूं। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेल गिल्ली डंडा तथा कबड्डी प्रतियोगिता मैं सहयोग करने वाले छात्र-छात्राओं के प्रतिबिंब हृदय से आभार ज्ञापित करता हूं। उन्होंने महाविद्यालय से आए हुए प्राध्यापक गण विशेष रूप से डॉ. शुभम, डॉ. अनुराग ,डॉ, नितेश, डॉ. शिवेंद्र डॉ. सौरभ दो महिम डॉक्टर शुभम एवं परिसर के कर्मचारियों का भरपूर सहयोग देखने को मिला । कार्यक्रम में अन्य लोगों के अलावा डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. पंकज सिंह ,डॉ.
जिमी डॉ. देवेंद्र पांडे डॉ. हसीन खान आदि के साथ-साथ भारी संख्या में बुद्धिजीवी एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही साथ प्रतिभा करने वाले छात्र-छात्राएं प्राध्यापिकागण आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही । यह सर्व विदित है कि महाविद्यालय के प्रतियोगिता की तैयारी बहुत कठिन काम होता है क्योंकि पर्दे के पीछे से भी तमाम दायित्व निभाए जाते हैं इसलिए एक बार हम सहयोगी मित्रों के प्रति में आभार ज्ञापित करता हूं।




