लेखपाल के इस्तीफे और लगाए गए आरोपों के बाद मामला चर्चा में, कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया….
आजमगढ़। अमीलो क्षेत्र में तैनात लेखपाल राकेश कुमार यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एसडीएम को तीन पन्नों का इस्तीफा सौंपते हुए मुबारकपुर विधानसभा से सपा विधायक अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेखपाल का कहना है कि उनका तबादला विधायक के दबाव में कराया गया है और उन्हें जान का खतरा है। लेखपाल राकेश यादव ने आरोप लगाया कि बाहा की जमीन पर भू-माफिया और एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे उन्होंने मौके पर पहुंचकर रुकवाया था। इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने बताया कि धमकियों के बावजूद उन्होंने थाना मुबारकपुर में एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने मामले में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी, जिससे आरोपी सुरक्षित हो गए।

भू-माफिया और हिस्ट्रीशीटर पर प्लॉटिंग रोकने का दावा
इस्तीफे में लेखपाल ने लिखा है कि उन्होंने बाहा की भूमि गाटा संख्या 448 पर प्लॉटिंग कर रहे भू-माफिया सुलेमान पुत्र हाजी यासीन, मोहम्मद सलीम पुत्र मुख्तार अहमद और हिस्ट्रीशीटर नजरे आलम पुत्र मोहम्मद यूसुफ को रोका था और काम बंद कराया था। इसके बाद इन लोगों ने विवाद करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
राकेश यादव का कहना है कि उन्होंने थाना मुबारकपुर में धारा 173 बीएनएसएस के तहत अधिनियम 132, 352, 351(3) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 व 4 में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि बाद में आरोपियों की ओर से समझौते का दबाव बनाया गया और समझौता न करने पर जान से मारने व बर्बाद करने की धमकी दी गई।
विधायक पर संरक्षण और 2.50 लाख की मांग का आरोप
लेखपाल ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया और हिस्ट्रीशीटर को विधायक का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उनसे 2.50 लाख रुपये की मांग की। लेखपाल का दावा है कि पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को भी है।

विधानसभा में उठाया गया तबादले का मुद्दा
इस्तीफे में लेखपाल ने लिखा कि समझौता न करने से नाराज होकर विधायक अखिलेश यादव ने 28 अगस्त 2025 को विधानसभा की प्रतिनिहित विधायन समिति के समक्ष उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और स्थानांतरण की मांग की। आरोप है कि शिकायत में किसी विशेष प्रकरण का उल्लेख नहीं किया गया।
“साजिश के तहत हत्या की नीयत से ट्रांसफर”
राकेश यादव ने कहा कि उन्हें धमकी दी जा चुकी है और जिस स्थान पर उनका तबादला किया गया है, उसे लेकर वह भयभीत हैं। उनका आरोप है कि साजिश के तहत उनकी हत्या की नीयत से उनका स्थानांतरण कराया गया।
सपा विधायक अखिलेश यादव ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

इस पूरे मामले पर सपा विधायक अखिलेश यादव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका किसी माफिया से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों के हित में काम करते हैं। विधायक का दावा है कि लेखपाल छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता है और उसे समझाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह मिलने नहीं आया।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि- लेखपाल ऐसे लोगों के संपर्क में रहता है, जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। इसी वजह से उन्होंने यह मुद्दा सदन में उठाया था। विधायक के मुताबिक लेखपाल किसी के इशारे पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।




