ब्लैकआउट मॉकड्रिल में छाया अंधेरा, बजा शायरन……
आजमगढ़। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जनपद आजमगढ़ में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए पुलिस लाइन आजमगढ़ में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। निर्धारित समय पर चेतावनी सायरन बजते ही पूरे परिसर सहित शहर की लाइटें बंद कर दी गईं और आपात स्थिति का यथार्थपरक वातावरण तैयार किया गया।

सायं 6 बजे ऊंची-नीची चेतावनी सायरन के बाद पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया। सायरन बजते ही सभी इकाइयों ने तय प्रोटोकॉल के अनुसार अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाल लीं। अंधेरे की स्थिति में गश्त, सुरक्षा घेरा, संचार व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थलों की निगरानी का अभ्यास कराया गया। अधिकारियों ने विभिन्न बिंदुओं पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और कमियों को चिन्हित किया।
मॉकड्रिल के दौरान हवाई हमले की स्थिति का अभ्यास करते हुए बड़े एवं छोटे भवनों में लगी आग को अग्निशमन विभाग के वाहनों व सिलेंडरों की मदद से बुझाया गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, आपदा मित्रों, एनसीसी, एनएसएस, नागरिक सुरक्षा कोर तथा नेहरू युवा केंद्र के वॉलिंटियर्स ने घायलों का राहत एवं बचाव कार्य किया। प्राथमिक उपचार देने के साथ गंभीर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, वहीं सुरक्षित स्थानों पर लोगों को शेल्टर होम में पहुंचाया गया। इस दौरान नागरिकों को हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। ऊंची और लंबी सायरन के साथ ब्लैकआउट मॉकड्रिल की कार्रवाई पूर्ण की गई।
ब्लैकआउट अभ्यास में विद्युत, नगर विकास, स्वास्थ्य, अग्निशमन सहित आपदा से जुड़े सभी विभागों ने सहभागिता की। मॉकड्रिल का आयोजन नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, युद्ध जैसी परिस्थितियों या बड़े हादसों के समय त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। नियमित मॉकड्रिल से विभागों की कार्यकुशलता और आत्मविश्वास बढ़ता है। भविष्य में भी इस प्रकार के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह, एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह, सीओ सदर आस्था जायसवाल, अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




