संगठित आपराधिक गिरोह पर बड़ी कार्रवाई गिरोह का सरगना अनवर गिरफ्तार……
आजमगढ़। जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय एक संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत उसके सरगना को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह थाना सरायमीर, निजामाबाद, फूलपुर, पवई सहित आसपास के क्षेत्रों में नकबजनी, चोरी, पशु चोरी, वाहन चोरी और शासकीय संपत्ति की चोरी जैसी संगीन घटनाओं को अंजाम देकर क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बनाए हुए था।
पुलिस के अनुसार गिरोह की गतिविधियों के चलते आमजन मुकदमा दर्ज कराने और गवाही देने से कतराते थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 यानी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस अभिलेखों व विवेचना में सामने आया कि गिरोह का नेतृत्व अनवर पुत्र असलम, निवासी ग्राम डण्डवा मुस्तफाबाद (खपड़ागांव), थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़ कर रहा था। अनवर अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।
गिरोह की प्रमुख आपराधिक घटनाएं
10 जुलाई 2024: थाना सरायमीर क्षेत्र में रात्रि के समय ताला तोड़कर बकरी चोरी।
02/03 अगस्त 2024: थाना सरायमीर क्षेत्र में एक मकान से हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, कूलर और टिल्लू पंप की चोरी।
26 मई 2024: थाना फूलपुर क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से 31 बोरी गेहूं-चावल चोरी, CCTV कैमरा क्षतिग्रस्त।
28 फरवरी 2024 व 30 अप्रैल 2024: थाना पवई क्षेत्र में ट्यूबवेल से विद्युत मोटर और अन्य कीमती सामान चोरी।
गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज- दिनांक 04 अगस्त 2024 को थाना सरायमीर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए गैंग लीडर अनवर को गिरफ्तार किया। इसके बाद 09 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी आजमगढ़ द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं लिंक नोडल अधिकारी (गैंग चार्ट) के साथ संयुक्त बैठक में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई को स्वीकृति दी गई।
इसके क्रम में थाना सरायमीर पर मु0अ0सं0 17/26, धारा 2ख(1)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
सरगना का आपराधिक इतिहास- पुलिस के अनुसार अभियुक्त अनवर पुत्र असलम के खिलाफ जनपद आजमगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, शासकीय संपत्ति चोरी और आयुध अधिनियम से संबंधित कुल सात मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस का संदेश- पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से जनपद में संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। साथ ही स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।




