सरकारी लाभ के लिए अनिवार्य हुई किसान पहचान पत्र, प्रशासन ने कसी कमर….
आजमगढ़, 16 जनवरी। जनपद में किसानों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम को प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस अभियान की निगरानी स्वयं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की जा रही है, वहीं ग्राम पंचायत से लेकर जनपद स्तर तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय कर दी गई है। उप कृषि निदेशक आजमगढ़ आशीष कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत जनपद के सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में पीएम किसान योजना से जुड़े लगभग 1 लाख 70 हजार ऐसे किसान हैं, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री अभी शेष है। इन सभी किसानों का विकास खंडवार डेटा संकलित कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।

उन्होंने बताया कि निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। पंचायत सचिव को क्लस्टर नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य का समन्वय करेंगे। वहीं प्रत्येक विकास खंड स्तर पर सहायक विकास अधिकारी (कृषिकृषि) को ब्लॉक नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। खंड विकास अधिकारियों को ब्लॉक पर्यवेक्षक नामित करते हुए उन्हें नियमित निगरानी, समीक्षा एवं प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अतिरिक्त, जनपद स्तरीय अधिकारियों को दो-दो विकास खंडों का आवंटन कर उन्हें पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण अधिकारी बनाया गया है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर सतत नजर रखी जा सके। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित न रहे और सभी को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री बनवाने में सहयोग करें, ताकि उन्हें भविष्य में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि एवं किसान हितैषी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।




