कानपुर नाबालिग गैंगरेप कांड में बड़ी कार्रवाई, DCP वेस्ट हटाए गए, सचेंडी इंस्पेक्टर सस्पेंड!

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कानपुर नाबालिग गैंगरेप कांड की जाँच में जुटी पुलिस फ़रार आरोपी दरोगा की तलाश……..

कानपुर। नाबालिग से गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद कमिश्नरेट स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटाकर DCP मुख्यालय से अटैच कर दिया है, जबकि सचेंडी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

यह घटना सोमवार रात की बताई जा रही है। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार एक दरोगा और एक पत्रकार ने घर के बाहर टहल रही 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया। दोनों आरोपी उसे सचेंडी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां स्कॉर्पियो के अंदर ही नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। करीब दो घंटे बाद किशोरी की हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे घर के बाहर बेहोशी की हालत में फेंककर फरार हो गए।

चौकी से भगाने का गंभीर आरोप- पीड़िता के भाई ने बताया कि रात करीब 12 बजे उन्होंने अपनी बहन को घर के बाहर बदहवास हालत में पड़ा देखा। उसे घर के अंदर ले जाकर होश में लाया गया, तब उसने पूरी घटना परिजनों को बताई। इसके बाद तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता व उसके भाई को भीमसेन चौकी ले गई।

पीड़िता के भाई का आरोप है कि जब उन्होंने चौकी पर बताया कि आरोपियों में एक पुलिसकर्मी शामिल है, तो चौकी पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद मंगलवार को परिजन पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। दबाव के बाद पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन आरोपियों के नाम हटाकर मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, नाबालिग होने के बावजूद मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी नहीं लगाई गईं।

लापरवाही पर अफसरों पर गिरी गाज

मामला दर्ज़ करने में लापरवाही के कारण सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।
मामला दर्ज़ करने में लापरवाही के कारण सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि- यह मामला DCP वेस्ट के क्षेत्र का था, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर इसमें गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी कारण DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को हटाकर मुख्यालय से अटैच किया गया है। वहीं, सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं लगाईं और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड किया गया है।

पीड़िता के बयान के बाद नामजद हुए आरोपी

पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि- शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में पीड़िता के बयान में बिठूर में तैनात दरोगा अमित कुमार मौर्या और पत्रकार शिवबरन के नाम सामने आए। इसके बाद दोनों को मुकदमे में नामजद किया गया।

पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि- वह सोमवार रात करीब 10 बजे घर से बाहर निकली थी, तभी स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया। आरोपियों में एक पुलिस वाला था। दोनों उसे रेलवे ट्रैक के किनारे सुनसान जगह पर ले गए और स्कॉर्पियो के अंदर ही उसके साथ गैंगरेप किया।

आरोपी पत्रकार गिरफ्तार, दरोगा फरार- पीड़िता के भाई ने बताया कि दरोगा अमित कुमार मौर्या और पत्रकार शिवबरन ने मिलकर उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया। करीब दो घंटे बाद दोनों आरोपी उसे घर के बाहर फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने बुधवार को आरोपी पत्रकार शिवबरन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी दरोगा की तलाश जारी है।

एडीसीपी वेस्ट कर रहे जांच, फोरेंसिक टीम जुटा रही सबूत

इस गंभीर मामले की जांच एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह को सौंपी गई है। बुधवार को उन्होंने जांच शुरू करते हुए सबसे पहले सचेंडी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां पीड़िता के साथ वारदात होने की बात कही गई है। उन्होंने आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। साथ ही फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।

फिलहाल, यह मामला न सिर्फ जघन्य अपराध का है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ZFM Times
Author: ZFM Times

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