तहसील क्षेत्र में अलाव 19 स्थान चिन्हित जल रहे 00….
फूलपुर, आजमगढ़। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच फूलपुर तहसील क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, लेकिन राहत के नाम पर अलाव की व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। तहसील प्रशासन द्वारा 19 स्थानों पर अलाव जलाने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि तहसील परिसर सहित प्रमुख बाजारों में लोग घास-फूस और कचरा जलाकर ठंड से बचने को मजबूर हैं।
हर वर्ष शासन की ओर से ठंड के मौसम में अलाव जलाने के लिए धनराशि आवंटित की जाती है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जानी होती है। इसी क्रम में फूलपुर तहसील प्रशासन ने नगर पंचायत फूलपुर, माहुल सहित पूरे तहसील क्षेत्र में 19 स्थान चिन्हित करने और लेखपालों की ड्यूटी लगाने की बात कही है। हालांकि, क्षेत्र में कोहरे के साथ बढ़ी ठंड के बावजूद कहीं भी नियमित रूप से अलाव जलते नहीं दिख रहे हैं। फूलपुर नगर में पांच और माहुल नगर में दो स्थानों पर अलाव जलाने का दावा किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। तहसील क्षेत्र के फूलपुर तहसील परिसर, माहुल रोड, खोरासो, समसाबाद, पल्थी बाजार, पवई चौराहा, मिल्कीपुर, मित्तूपुर, अंबारी चौराहा, फुलवरिया बाजार, पलियामाफी और गनवारा बाजार जैसे इलाकों में अलाव की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
प्रशासन की उदासीनता के चलते मजबूरन आम लोग स्वयं लकड़ी, घास-फूस और कचरा जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी बना हुआ है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि कुल 19 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है और संबंधित लेखपालों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि चिन्हित स्थलों पर अलाव जलाकर उसकी फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन के निर्देश जमीनी स्तर पर कब और कितना असर दिखाते हैं, या फिर अलाव केवल फाइलों और तस्वीरों तक ही सीमित रहेंगे।




