गौशालाओं में ठंड से बचाव, अलग बाड़े, सत्यापन के बाद ही सहायता और लापरवाही पर कार्रवाई के आदेश….
आजमगढ़, 18 दिसंबर। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने गौशालाओं में संरक्षित गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।जिलाधिकारी ने कहा कि शीतलहर के मद्देनज़र गौशालाओं में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। कोटेदारों से बोरे लेकर काऊ कोट बनवाने, गौशालाओं को चारों ओर से तिरपाल से ढकने तथा समस्त निकायों की गौशालाओं में अलाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलाव केवल केयरटेकर की उपस्थिति में ही जलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि गोवंश के नीचे पुआल आदि बिछाया जाए तथा विद्युत तारों को उचित ऊंचाई पर और पशुओं की पहुंच से दूर रखा जाए। साथ ही गौशालाओं में संरक्षित नर, मादा, बच्चे और बीमार पशुओं को अलग-अलग बाड़ों में रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सहभागिता योजना के अंतर्गत दिए गए गोवंश का सत्यापन कराने के बाद ही पशुपालकों को सहायता राशि देने को कहा। इसके अलावा सीडीपीओ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले कुपोषित बच्चों के परिवारों को गौशालाओं से अच्छी गुणवत्ता की गाय सुपुर्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतक गोवंश के समुचित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका और नगर पंचायतों की गौशालाओं के आसपास यदि चारागाह की भूमि उपलब्ध न हो तो 8 किलोमीटर की परिधि में हरे चारे/नेपियर घास की बुवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में उपलब्ध रहें। उन्होंने दो दिनों के भीतर सभी गौशालाओं का निरीक्षण कर केयरटेकरों को निर्देशों से अवगत कराने को कहा। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के प्रस्ताव पर जिलाधिकारी ने गौशालाओं में कार्यरत केयरटेकरों का मानदेय 6000 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये करने की सहमति भी प्रदान की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री गंभीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मुकेश गुप्ता सहित समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




