बाल सम्प्रेक्षण गृह में कुल 101 बाल अपचारी निरुद्ध हैं…..
आजमगढ़, 16 दिसंबर। माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेश तथा जनपद न्यायाधीश आजमगढ़ के निर्देशों के अनुपालन में पर्यवेक्षण समिति द्वारा सोमवार को बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में समिति की अध्यक्ष संतोष कुमार यादव (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो न्यायालय), सदस्य सुश्री जागृति एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सम्प्रेक्षण गृह की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के समय अधीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में बाल सम्प्रेक्षण गृह में कुल 101 बाल अपचारी निरुद्ध हैं, जिनमें जनपद आजमगढ़ के 44, मऊ के 17 तथा बलिया के 40 बाल अपचारी शामिल हैं। आजमगढ़ के 44 बाल अपचारियों में से 24 प्राथमिक शिक्षा एवं 20 माध्यमिक शिक्षा में नामांकित हैं।
अधीक्षक द्वारा बताया गया कि चस्पा मेनू के अनुसार बाल अपचारियों को निर्धारित समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बाल अपचारियों से पूछताछ में भोजन को लेकर किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई। साथ ही सभी बाल अपचारियों के मामलों में पैरवी के लिए अधिवक्ता नामित पाए गए।

पर्यवेक्षण समिति ने खाद्यान्न स्टोर का भी निरीक्षण किया, जहां कोई कमी नहीं पाई गई। शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था तथा शिक्षकों की उपलब्धता पाई गई। बाल अपचारियों की शिक्षा के लिए पांच अध्यापक नियुक्त हैं। इसके अतिरिक्त नाट्य, संगीत एवं आर्ट क्राफ्ट प्रशिक्षण की भी व्यवस्था है। खेलकूद एवं मनोरंजन हेतु सम्प्रेक्षण गृह परिसर में बड़ा मैदान उपलब्ध है, जहां बच्चों के लिए वॉलीबॉल, बैडमिंटन सहित अन्य खेल सामग्री की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य के संबंध में अधीक्षक ने बताया कि सभी बाल अपचारी स्वस्थ हैं और किसी को गंभीर बीमारी नहीं है। समिति द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।




