68 स्वर्ण पदक व 40 उपाधि से होंगे मेधावी सम्मानित, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी पदक वितरण….
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ का द्वितीय दीक्षांत समारोह आगामी 7 अक्टूबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने प्रेसवार्ता कर समारोह की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समारोह में कुल 68 स्वर्ण पदक और 40 उपाधि प्रदान की जाएंगी। इनमें 17 छात्र और 51 छात्राएं स्वर्ण पदक से सम्मानित होंगी, जबकि उपाधियों में 29 छात्र और 11 छात्राएं शामिल हैं।
कुलपति ने बताया कि 12 मेधावियों को डबल मेडल (चांसलर व वाइस चांसलर मेडल दोनों) मिलेंगे। कुल 61,456 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगी और मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। वहीं स्वामी चिदानंद सरस्वती, अध्यक्ष परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय एवं राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
प्रतिकूल मौसम को देखते हुए प्लान-बी तैयार
कुलपति ने कहा कि यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर की बजाय हरिऔध कला भवन में किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है।
ड्रेस कोड लागू
दीक्षांत समारोह में छात्रों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य किया गया है। छात्र सफेद या हल्के रंग की पूरी बांह की शर्ट और गाढ़े रंग की पैंट पहनेंगे, जबकि छात्राएं सफेद सलवार, दुपट्टा व हल्के रंग का कुर्ता या साड़ी पहनेंगी। काले रंग के वस्त्र और जींस-टॉप पर प्रतिबंध रहेगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा
राज्यपाल सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड पर पहुंचेंगी। वहां से शोभायात्रा शुरू होगी। मंच पर कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र संचालन करेंगे। विश्वविद्यालय की छात्राएं स्वागत गीत, कुलगीत और पर्यावरण गीत प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद कुलपति विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विवरण देंगे।
राज्यपाल डिजीलॉकर में उपाधियों व अंकपत्रों का डिजिटल अपलोड करेंगी और मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। इसके साथ ही गोद लिए गए गांवों व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को खेलकूद और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर पुरस्कृत किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों को राजभवन की ओर से पुस्तकें भेंट की जाएंगी।




