फूलपुर कस्बा स्थित यश्लोक अस्पताल व नर्सिंग होम में 16 अगस्त शनिवार को डॉ. एम.जेड. सिद्दीकी द्वारा उनका ऑपरेशन किया गया था….
आजमगढ़। जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गाँव निवासी 35 वर्षीय माधुरी विश्वकर्मा का एक स्थानीय नर्सिंग होम पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन होने के बाद मौत हो गई, मृतिका के पारिवारिक जनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, मौके पर प्रति कोतवाली पुलिस व अन्य लोगों के आम सहमति के बाद मामला शांत हुआ,
प्राप्त जानकारी के अनुसार जगदीशपुर निवासी संदीप विश्वकर्मा की पत्नी को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी फूलपुर कस्बा स्थित यश्लोक अस्पताल व नर्सिंग होम में 16 अगस्त शनिवार को डॉ. एम.जेड. सिद्दीकी द्वारा उनका ऑपरेशन को 3 बजे के करीब किया गया।परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ती गई, और रविवार तड़के चार बजे 35 वर्षीय माधुरी की मृत्यु हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया

स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि यश्लोक अस्पताल में अनुभवहीन डॉक्टर और कम्पाउंडरों की देख रेख में मरीजों का इलाज किया जाता है, जिसके चलते इस तरह की कई घटनाएं यहां पर घट चुकी हैं। मृतक के परिजनों ने यह भी बताया कि ऑपरेशन से पहले मरीज की पूरी जांच नहीं की गई, जिसके कारण जटिलताएं बढ़ीं। घटना की सूचना पर फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया परिजनों के अनुसार, पुलिस और स्थानीय प्रभावशाली लोगों ने मिलकर दो लाख रुपये में समझौता करा दिया गया। मृतका को आठ साल की बेटी एंजल और महज चार साल का बेटा आरओ है। उसका पति किसी दूसरे राज्य में काम करता है। पारिवारिक स्थिति बहुत ही दयनीय है।

स्थानीय लोगों का कहना है की क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। तहसील मुख्यालय फूलपुर से लेकर कुंवर नदी के पुल तक कई निजी अस्पताल व नर्सिंग होम कथित तौर पर सरकारी अस्पतालों के तैनात डॉक्टर अतिरिक्त फीस लेकर ऑपरेशन करते हैं। अनुभवहीन स्टाफ और अपर्याप्त जांच के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसके बावजूद, स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने चुप्पी साधे हुए है अब देखना यह है कि मुख्य चिकित्साधिकारी आजमगढ़ द्वारा फूलपुर में अवैध चल रहे हॉस्पिटल की जांच पड़ताल कब तक होगी मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय पुलिस का कहना है कि मृतका पक्ष की तरफ से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुआ, अस्पताल पर हंगामा की सूचना पर पहुंचे और शांति व्यवस्था कायम की, परिजनों और कुछ अन्य लोगों द्वारा आपसी सहमति हुई.




