पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान सभी तेल की कीमत व किल्ल्त से प्रभावित……
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित Iran–Israel conflict के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर दक्षिण एशिया के देशों पर भी पड़ रहा है। जहां Pakistan में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है, वहीं India को फिलहाल रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति मिलने से बड़ी राहत मिली है।
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 20% तक महंगा

मिडिल ईस्ट संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 335.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा, कीमतों में बढ़ोतरी की खबर के बाद लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में तेल की किल्लत हो सकती है, जिसके चलते कई स्थानों पर जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने चेतावनी दी है कि पेट्रोल की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने दावा किया है कि देश में फिलहाल पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है।
कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर के पार- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अमेरिकी कच्चा तेल WTI फ्यूचर्स 12 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 90.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, इस तेजी की एक वजह Donald Trump का ईरान को लेकर दिया गया बयान भी माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने Iran से “बिना शर्त सरेंडर” की मांग की थी।

भारत को रूस से तेल खरीदने की मिली छूट- दूसरी ओर भारत के लिए फिलहाल स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में दिखाई दे रही है। United States के ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को Russia से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिन का विशेष लाइसेंस दिया है, जो 3 अप्रैल तक मान्य रहेगा, इस छूट के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी का खतरा कम हो गया है और देश की ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
एलपीजी की सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार सतर्क

मिडिल ईस्ट संकट से गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए भारत सरकार ने देश की सभी तेल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, सरकारी आदेश के मुताबिक अब प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर रसोई गैस बनाने के लिए किया जाएगा और इनकी सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited—को दी जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति मिल सके।
भारत में भी एलपीजी सिलेंडर महंगा- हालांकि भारत में भी 7 मार्च से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। राजधानी Delhi में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर अब 913 रुपये में मिलेगा, जो पहले 853 रुपये था। वहीं 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि कर इसे 1883 रुपये कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार के साथ-साथ भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।







