रि0 सेना के जवान का जुलूस निकाल किया गया स्वागत…….
आजमगढ़। जनपद के अतरौलिया क्षेत्र अंतर्गत गोरथानी गांव निवासी भारतीय सेना के रिटायर लेफ्टिनेंट जितेंद्र कुमार सिंह के गृह आगमन पर सोमवार को पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल रहा। 30 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद जब वह जम्मू से अतरौलिया रोडवेज पहुंचे, तो ग्रामीणों ने डीजे, फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

जितेंद्र कुमार सिंह वर्ष 1996 में भारतीय सेना में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। अपने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के बल पर उन्होंने सेवा के दौरान निरंतर प्रगति की। 26 जनवरी 2026 को उन्हें सब लेफ्टिनेंट पद पर पदोन्नत किया गया और फरवरी 2026 में वह इसी पद से सेवानिवृत्त हुए। एक सिपाही से लेफ्टिनेंट तक का उनका सफर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है।

अतरौलिया रोडवेज से डीजे के साथ उनका जुलूस निकाला गया, जो बाबा प्रथम देव स्थान पहुंचा। वहां विधिवत दर्शन-पूजन के बाद काफिला उनके पैतृक गांव गोरथानी पहुंचा। घर पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। पत्नी प्रतिमा सिंह और माता लालती देवी ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। इस भावुक क्षण में परिवारजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

इस अवसर पर जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा, “देश सेवा के 30 वर्ष मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। एक सिपाही के रूप में भर्ती होकर लेफ्टिनेंट पद से सेवानिवृत्त होना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह सब परिवार, गांव और समाज के सहयोग से संभव हुआ।”
युवा भाजपा नेता हर्षित सिंह ने कहा कि जितेंद्र सिंह ने अपने जीवन के तीन दशक देश की रक्षा को समर्पित किए, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। वहीं प्रमोद सिंह ‘गुड्डू’ ने बताया कि बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था। उन्होंने कहा, “जब यह सेना की तैयारी करते थे, तब हम लोग टार्च की रोशनी में इनके साथ अभ्यास करते थे। आज देश ने इन्हें सम्मान के साथ हमें वापस सौंपा है, इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है।”
कार्यक्रम में विनय सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, आशुतोष सिंह, अजीत सिंह, राजन सिंह, अखिलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह, राम जियावान, महेंद्र प्रताप सिंह, सत्यवान सिंह, पूर्व प्रधान राणा सिंह, राजनाथ सिंह, संतोष सिंह, प्रेमनाथ सिंह, उपेंद्र सिंह, रघुनाथ सिंह, सृजन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।







