खराब छवि वाले प्रतिष्ठानों पर होगी कार्रवाई, ठेले-खुमचे वालों को जागरूक करने पर जोर….
आजमगढ़। होली पर्व को देखते हुए जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों और नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि होली के मद्देनजर जिले में बिकने वाले तथा अन्य जनपदों से आने वाले खाद्य पदार्थों—विशेषकर दूध, दुग्ध उत्पाद, मिठाई और नमकीन—पर विशेष निगरानी रखी जाए। अभिसूचना के आधार पर नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि छोटे रेहड़ी-पटरी, ठेला-खुमचा से जुड़े खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए, लेकिन प्रवर्तन कार्रवाई के नाम पर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। साथ ही लाइसेंस और पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्य पूरे होने पर उन्होंने संतोष भी व्यक्त किया। अब स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम व सरकारी कैंटीन में होगी नियमित जांच डीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पका हुआ भोजन परोसा जाता है—जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, अनाथालय, वृद्धाश्रम, जननी सुरक्षा के अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र और कैंटीन—वहां विशेष सतर्कता के साथ नियमित जांच की जाए। साथ ही इन संस्थानों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक व प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त किया जाए तथा खराब छवि वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर प्रवर्तन कार्रवाई के जरिए सुधार कराया जाए।
नकली दवाओं पर रोक के लिए औषधि दुकानों का सघन निरीक्षण- जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षक को निर्देशित किया कि जनपद में नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए औषधि प्रतिष्ठानों का नियमित रूप से सघन निरीक्षण किया जाए और नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।

612 नमूनों में 58% फेल, 273 पर 53.98 लाख का जुर्माना
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राहुल विश्वकर्मा ने परिचय के बाद अभिहित अधिकारी को विभागीय रणनीति और की गई कार्रवाई की जानकारी साझा करने को कहा। अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 612 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए, जिनमें जांच के दौरान 58 प्रतिशत नमूने फेल पाए गए। उन्होंने बताया कि इसी अवधि में मिलावट करने वाले 273 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल 53,98,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा 3 खाद्य कारोबारकर्ताओं को न्यायालय से कारावास और 11,000 रुपये के दंड से दंडित कराया गया। उन्होंने बताया कि “ईट राइट इंडिया इनिशिएटिव” के तहत 76 कारोबारियों को 3 से 5 स्टार हाईजीन रेटिंग दिलाई गई है, जिसका ऑडिट बाहरी एजेंसियों ने किया। साथ ही 822 खाद्य कारोबारियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर फॉस्टैक प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा ने भी विभागीय कार्रवाई से बैठक को अवगत कराया, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद- बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) आजमगढ़ मंडल सहित जिला पंचायत राज अधिकारी, उपायुक्त राज्य कर (जीएसटी), मंडी निरीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, बाट-माप विभाग, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, सूचना विभाग, जिला मत्स्य अधिकारी, नगर पालिका के अधिकारी, दुग्ध विकास अधिकारी, खाद्य व्यापार मंडल प्रतिनिधि, औषधि संघ प्रतिनिधि समेत खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण उपस्थित रहे।




