लोकसभा में राहुल गांधी बयान के समर्थन में उत्तरी विपक्ष…
नई दिल्ली। सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही उस समय बार-बार बाधित होती रही, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित (अनपब्लिश्ड) किताब का हवाला देते हुए चीन और लद्दाख सीमा से जुड़ा मुद्दा उठाया। राहुल गांधी के अनुसार, वर्ष 2020 के दौरान चार चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास तक पहुंच गए थे। उनके इस दावे के साथ ही सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
रक्षा मंत्री और गृह मंत्री ने किया विरोध- राहुल गांधी के बयान पर सबसे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह भी खड़े हुए और कहा कि राहुल गांधी जिस बात का हवाला दे रहे हैं, वह किसी प्रकाशित पुस्तक का नहीं बल्कि एक मैगजीन रिपोर्ट का हिस्सा है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जनरल नरवणे ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और “मैगजीन कुछ भी लिख सकती है।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि- सदन में केवल अखबार की प्रकाशित कटिंग या आधिकारिक दस्तावेज ही रखे जा सकते हैं, किसी अप्रकाशित पुस्तक या अप्रमाणित सामग्री का उल्लेख नहीं किया जा सकता।
46 मिनट तक बोलने की कोशिश- राहुल गांधी करीब 46 मिनट तक अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे, लेकिन लगातार व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोपहर 3 बजे कार्यवाही शुरू होते ही राहुल गांधी ने फिर बोलना शुरू किया, मगर महज 9 मिनट बाद ही भारी हंगामे के चलते लोकसभा को शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। शाम 4 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन एक बार फिर शोर-शराबे के कारण 11 मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कितनी बार रोका गया राहुल गांधी को- सदन में राहुल गांधी को बोलने से रोकने को लेकर कई केंद्रीय मंत्रियों ने हस्तक्षेप किया। जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 बार, गृह मंत्री अमित शाह ने 7 बार, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 2 बार, और अनुराग ठाकुर ने 6 बार राहुल गांधी को रोका- टोका। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के माइक का कंट्रोल बंद करने का निर्देश भी देना पड़ा।

सरकार का पक्ष- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसी कोई किताब है तो राहुल गांधी उसे सदन में लेकर आएं।
राजनाथ सिंह ने दावा किया, “मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि वह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है।”
गृह मंत्री अमित शाह ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि जब खुद राहुल गांधी मान रहे हैं कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है, तो उस पर चर्चा का सवाल ही नहीं उठता।

राहुल गांधी का जवाब-राहुल गांधी ने कहा कि वह किसी किताब को नहीं, बल्कि एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को कोट कर रहे हैं, जिसमें जनरल नरवणे के हवाले से यह बात कही गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनरल नरवणे की किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया गया।
विपक्ष का समर्थन- इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि चीन से जुड़ा मुद्दा बेहद संवेदनशील है। अगर मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, तो राहुल गांधी को अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका मिलना चाहिए।
कुल मिलाकर- चीन और सीमा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर नियमों और संदर्भों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। दिनभर चले हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी। अब इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इस पर सभी की नजरें मंगलवार की कार्यवाही पर टिकी हैं।




