प्रशासन के आश्वासन के बाद आशा एवं आशा संगिनी बहनों को आश…..
आजमगढ़। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फूलपुर में कार्यरत आशा एवं आशा संगिनी बहनों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। बीते कई महीनों से मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने तथा कथित कटौती को लेकर आशा कार्यकत्रियों में भारी नाराजगी देखी गई। आर्थिक संकट से जूझ रही आशा बहनों ने सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) आजमगढ़ से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई।
आल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति की जिला अध्यक्ष संध्या सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों आशा एवं संगिनी बहनों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सीएचसी फूलपुर में तैनात बीएएम (BAM) रवि कुमार द्वारा पारिश्रमिक एवं मानदेय भुगतान में लगातार कटौती की जा रही है, जिससे कार्यकत्रियों को गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, आशा बहनों ने बताया कि टीबीआई (TBI) का भुगतान अगस्त 2024 से जनवरी 2026 तक लंबित है। वहीं वर्ष 2024 के एचवीवाईसी (HVYC) प्रशिक्षण का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। नवंबर 2025 में शासन से प्राप्त बजट में भी कथित तौर पर कटौती कर भुगतान करने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना एवं नसबंदी का भुगतान कई महीनों से न केवल आशा कार्यकत्रियों बल्कि लाभार्थियों का भी बकाया है। जुलाई 2025 का भी केवल आंशिक भुगतान ही किया गया।
आशा बहनों ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य पीएचसी या सीएचसी पर कराए गए संस्थागत प्रसव के प्रमाण पत्रों को वापस कर दिया जाता है, जिससे भुगतान में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि फूलपुर सीएचसी पर लंबित सभी भुगतानों को शीघ्र कराया जाए, ताकि आशा एवं आशा संगिनी बहनों को राहत मिल सके।
इस दौरान जिला अध्यक्ष संध्या सिंह के साथ सुशील राय, शशिकला, सीमा, उर्मिला, नौशीन सहित सैकड़ों आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने आशा बहनों से समय मांगते हुए भरोसा दिलाया कि बजट की मांग शासन से की जाएगी और धनराशि प्राप्त होते ही सभी का भुगतान कर दिया जाएगा।




