पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र की 123वीं जयंती पर आयोजित हुआ कार्यक्रम……
आजमगढ़, 10 जनवरी। आधुनिक हिंदी नाटक के जनक, महाकवि एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र की 123वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को नगर पालिका परिषद चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आजमगढ़ की धरती महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां साहित्य, नाटक और कविता के क्षेत्र में अद्वितीय प्रतिभाओं ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह ‘उपाध्याय’ जैसे महान साहित्यकारों ने इसी धरती से निकलकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
जिलाधिकारी ने कहा कि महान व्यक्तियों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि कई लोग स्वहित से ऊपर उठकर परहित के लिए कार्य कर रहे हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं गरीबों, शोषितों और पीड़ितों के हित में कार्य कर रही हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेकर स्व की भावना से ऊपर उठकर समाज के हित में कार्य करें, ताकि न केवल व्यक्तिगत बल्कि जनपद और राष्ट्र का भी नाम रोशन हो। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र के आदर्शों को अपनाते हुए समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और कमजोर वर्गों के सहयोग के लिए आगे आएं। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




