500 से अधिक लोगों में बटे कंबल, चेहरे पर आई मुस्कान….
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय एवं मदर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित बृहद हाल में कंबल वितरण का वृहद आयोजन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामसभाओं के अंतिम पायदान पर बैठे जरूरतमंद लोगों को लगभग 500 से अधिक कंबल वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार एवं मदर फाउंडेशन के संस्थापक कार्तिकेय सिंह ने जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल वितरित कर उन्हें शीत ऋतु में राहत प्रदान की। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि गोद लिए गए पांच ग्रामसभाओं—सीही, सोनापुर, धरवारा, समेदा एवं महरुपुर—के अलावा आसपास के कुछ अन्य जरूरतमंद लोगों को भी कंबल देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी उसका मूल दायित्व है। उन्होंने कहा कि गोद लिए गए गांवों को “आदर्श गांव” के रूप में विकसित करना विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता और मानव सेवा की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने मदर फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और सामाजिक संगठनों के सहयोग से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाई जा सकती है। साथ ही आश्वासन दिया कि भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े कई कार्यक्रम इन गांवों में संचालित किए जाएंगे।
कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह पहल “ग्राम–विश्वविद्यालय सहभागिता” का सशक्त उदाहरण है। सहायक कुलसचिव डॉ. महेश श्रीवास्तव ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करना प्रत्येक शिक्षण संस्था का नैतिक कर्तव्य है।
मदद फाउंडेशन के संस्थापक कार्तिकेय सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउंडेशन हमेशा से वंचित और जरूरतमंद वर्गों के साथ खड़ा रहा है। विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ मिलकर कार्य करना गर्व की बात है और यह सहयोग भविष्य में और व्यापक होगा।
कार्यक्रम के दौरान कंबल पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और मदर फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन शीत ऋतु में उनके लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. परमानन्द पाण्डेय एवं डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। समापन अवसर पर कुलपति ने दोहराया कि विश्वविद्यालय भविष्य में इन गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य करेगा। कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार, कुलपति के निजी सहायक भूपेंद्र पांडे, एक्टिंग सहायक विपिन शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




