“भाजपा राज में अब ‘बाटी-चोखा’ नहीं, बल्कि जनता को केवल ‘माटी-धोखा’ खाने को मिल रहा है”- अखिलेश यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट के माध्यम से भाजपा और केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राज में अब ‘बाटी-चोखा’ नहीं, बल्कि जनता को केवल ‘माटी-धोखा’ खाने को मिल रहा है।
अखिलेश यादव ने लिखा कि अब स्थिति ‘हाता नहीं भाता’ से कहीं आगे निकल चुकी है। जब किसी समाज के साथ उपेक्षा से आगे बढ़कर तिरस्कार होने लगे, तो कोई भी स्वाभिमानी समाज इसे सहन नहीं करता। उन्होंने कहा कि जब विकल्प केवल ‘सत्ता’ और ‘मान-सम्मान’ के बीच रह जाएं, तो स्वाभिमानी समाज हमेशा सम्मान को चुनता है।

सपा सुप्रीमो ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है और आज ‘भाजपाई’ कहलाना एक नकारात्मक पहचान बन चुका है। उन्होंने भाजपा से जुड़े लोगों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने, भ्रष्टाचार, अपराधियों को संरक्षण देने, चुनावी धांधली, मिलावटखोरी, नफरत फैलाने और समाज में भय व अविश्वास पैदा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा वैज्ञानिक सोच के खिलाफ है, सवालों से डरती है और शिक्षा, कला व बदलाव को नकारती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच सामंती है, जिसमें महिला, गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासन में अमीर-गरीब की खाई बढ़ी है, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और भुखमरी चरम पर पहुंच गई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से सामने आने के बजाय गोपनीय और नकारात्मक तरीकों से काम करते हैं तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा वास्तव में ‘कुछ का साथ, कुछ का विकास’ बनकर रह गया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि इन्हीं कारणों से अब कोई भी देशभक्त, सभ्य, मानवतावादी और स्वाभिमानी समाज भाजपा और उसके सहयोगियों के साथ खड़ा होकर अपमान और जनाक्रोश का शिकार नहीं होना चाहता। उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा के जाने से ही हर समाज को बराबरी और सम्मान मिल सकेगा।




