उद्धव–राज ठाकरे 20 साल बाद साथ-साथ, BMC चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा ठाकरे परिवार!

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BMC चुनाव को मुंबई की सत्ता की सीढ़ी माना जाता है……

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने आगामी नगर निगम और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव एक साथ लड़ने का ऐलान किया। करीब 20 साल बाद दोनों दलों के बीच चुनावी गठबंधन हुआ है।

दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन की घोषणा की। इससे पहले वे शिवाजी पार्क स्थित बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि वर्ष 2005 में राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर मनसे का गठन किया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा, “हमारी सोच एक है। अगर हम बंटेंगे तो बिखर जाएंगे। महाराष्ट्र के हित में हम सब एक हैं।” उन्होंने मराठी समाज से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि अब बंटने का मतलब सब कुछ खो देना होगा।

वहीं राज ठाकरे ने कहा, “हमारे आपसी मतभेदों से महाराष्ट्र बड़ा है। मुंबई का मेयर मराठी होगा और हमारे दल से होगा।” उन्होंने संकेत दिया कि अन्य नगर निगमों को लेकर भी जल्द संयुक्त घोषणा की जाएगी।

बताया गया कि महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। BMC चुनाव को मुंबई की सत्ता की लड़ाई माना जा रहा है, जो महायुति और महाविकास अघाड़ी—दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है।

करीब 74 हजार करोड़ रुपये के बजट वाली BMC एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी है। वर्ष 1997 से 2017 तक अविभाजित शिवसेना का इस पर शासन रहा, उस समय भाजपा उसकी सहयोगी थी। BMC का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों के बजट से भी अधिक है। इसी वजह से भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस और दोनों पवार गुट—शरद पवार व अजीत पवार—मुंबई और अन्य नगर निगमों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं।

ZFM Times
Author: ZFM Times

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