बंदियों की समस्या सुन त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया……
आजमगढ़। मा० उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं मा० जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के निर्देशों के क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अंकित वर्मा द्वारा शुक्रवार को जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में कारागार में कुल 1568 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 88 महिला तथा 1480 पुरुष बंदी शामिल हैं। कारागार परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं जेल लीगल एड क्लीनिक में साफ-सफाई औसत स्तर की मिली, जिस पर जेल अधीक्षक को लीगल एड क्लीनिक की स्वच्छता तथा कुर्सी-मेज की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के समय कारागार में कार्यरत चार जेल पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं है, उनके प्रार्थना पत्र लिखकर जेल अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि लीगल एड क्लीनिक में रखे गए रजिस्टरों में प्रविष्टियां पूर्ण नहीं हैं, जिस पर पराविधिक स्वयंसेवकों को जेल विजिटिंग लॉयर के सहयोग से सभी प्रविष्टियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जेल अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि सभी बंदियों के मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नामित हैं। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने निर्देशित किया कि सभी बंदियों के टिकट पर प्राइवेट अथवा सरकारी अधिवक्ता का नाम अंकित कराया जाए, जिससे मुकदमों की पैरवी से संबंधित जानकारी सहजता से प्राप्त हो सके। साथ ही ऐसे सिद्धदोष बंदी, जो दस वर्ष या उससे अधिक अवधि से कारागार में निरुद्ध हैं, उनके अपील व जमानत मामलों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान बंदियों विजय यादव, हरिनाथ, अखिलेश, अबूसहमा, रामआसरे साहनी, इरफान, भोनू प्रजापति, जावेद, श्रीराम यादव, चंदन प्रकाश, राविन सिंह एवं निखिल मिश्रा द्वारा बताई गई समस्याओं को सुना गया तथा उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक आशीष रंजन, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर गौरव सिंह तथा जेल के पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




