40 दंपत्तियों ने आपसी सुलह के बाद एक-दूसरे को माला पहनाया….
आजमगढ़। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश श्री जय प्रकाश पाण्डेय ने की। लोक अदालत का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय श्री अहसानुल्लाह खान, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मुकेश कुमार सिंह-प्रथम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अजय कुमार शाही, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट श्री कमलापति, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अजय श्रीवास्तव, श्री विजय कुमार वर्मा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत श्री संतोष कुमार यादव सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बार पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश श्री जय प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि लोक अदालत आम जनता के लिए सुलभ, त्वरित एवं निःशुल्क न्याय का प्रभावी माध्यम है। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होते हैं, जिनके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं है। सुलह-समझौते के आधार पर विवाद निस्तारित होने से दोनों पक्षों के बीच आपसी मतभेद भी समाप्त हो जाते हैं।

राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु कुल 1,28,371 वाद चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 1,08,518 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 26 करोड़ 87 लाख 57 हजार 769 रुपये की धनराशि का समझौता हुआ। प्री-लिटिगेशन स्तर पर 91,833 तथा न्यायालयों से 16,685 दीवानी व फौजदारी वाद निस्तारित किए गए। पारिवारिक न्यायालय द्वारा कुल 213 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 40 दंपत्तियों ने आपसी सुलह के बाद एक-दूसरे को माला पहनाकर साथ रहने का निर्णय लिया। लोक अदालत के दौरान जिला कारागार, आजमगढ़ के निरुद्ध बंदियों द्वारा कौशल विकास के अंतर्गत तैयार किए गए उत्पादों का स्टॉल तथा ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी का स्टॉल भी लगाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम का संचालन अंकित वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ ने किया। अंत में सफल आयोजन के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं संबंधित विभागों के सहयोग की सराहना की गई।




