रमा हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बिना पूर्ण जाँच के किया ऑपरेशन….
आजमगढ़। जिले के एक निजी अस्पताल की लापरवाही ने ली मरीज की जान, परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने रोड पर किया हंगामा, यह सनसनीखेज मामला जीयनपुर थाना क्षेत्र के केन्जरा दिलसादपुर गांव निवासी एक मरीज़ की रमा हॉस्पिटल में आपरेशन व ईलाज के दौरान तबियत बिगड़ने व बनारस के अस्पताल में मौत के बाद सामने आया, मृतक की पत्नी ने एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही से मरीज की मौत का आरोप लगाया है।

मृतक की पत्नी ने नरौली स्थित रामा हॉस्पिटल के डॉक्टर पर बिना पूरी जांच के जल्दबाजी में ऑपरेशन करने और मरीज की जान लेने का आरोप लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, भुवाल चौहान को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी। वह 16 जून, 2025 को इलाज के लिए नरौली के रामा हॉस्पिटल पहुंचे थे, मृतक की पत्नी विन्दू देवी पाल के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टर अमित सिंह ने ऑपरेशन को “सामान्य” बताते हुए तुरंत सर्जरी की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने कोई विशेष जांच कराए बिना ही ऑपरेशन के लिए तैयार हो गए और उसी दिन निर्धारित शुल्क लेकर सर्जरी कर दी।
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से ही भुवाल चौहान की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। बावजूद इसके, डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को नजरअंदाज करते हुए 20 जून को मरीज को यह कहकर घर भेज दिया कि उनकी हालत जल्द सुधर जाएगी। जब भुवाल चौहान की तबीयत और ज्यादा बिगड़ी, तो परिवारजन उन्हें वाराणसी के फूलवंती हॉस्पिटल ले गए। दुर्भाग्यवश, वहां इलाज के दौरान 28 जून को उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों ने अस्पताल के सामने हंगामा करते हुए कहा कि हो उच्चस्तरीय जांच की मांग….
मृतक की पत्नी विन्दू देवी का आरोप है कि उनके पति की मौत पूरी तरह से मेडिकल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने डॉक्टर पर बिना समुचित जांच और मरीज की वास्तविक स्थिति को समझे बिना सर्जरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। विन्दू देवी ने जिला प्रशासन से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निजी अस्पतालों में इसी तरह मरीजों की जान से खिलवाड़ होता रहा, तो आम जनता का चिकित्सा व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में चिकित्सा मानकों की निगरानी और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग को तेज कर दिया है




