आत्मघाती हमलले में बढ़ सकती है घायल व मृतकों की संख्या……
इस्लामाबाद (02 फ़रवरी 2026) – पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज जुमे की नमाज़ के दौरान एक भयंकर आत्मघाती हमले ने देश को दहला दिया। राजधानी में स्थित एक शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में फ़ज़्र की नमाज़ खत्म होने के बाद जैसे ही श्रद्धालु प्रार्थना कर रहे थे, तभी विस्फोट हुआ।
पाकिस्तानी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इस्लामाबाद ने प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से बताया कि इस मक़ाम पर हुए विस्फोट में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है और 168 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि घायलों और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि राहत और बचाव कार्य जारी है।

लाशों और घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा है- घटना के तुरंत बाद पुलिस और राहत-ए-अमदादी टीम (रेस्क्यू टीम) ने घटनास्थल पर पहुँच कर राहत कार्य शुरू कर दिया है। आसपास के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और घायलों को प्राथमिक चिकित्सा के लिए अस्पतालों में पहुँचाया जा रहा है।
पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित- इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख ने शहर भर में इमरजेंसी घोषित कर दी है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की जांच में जुटा दिया गया है। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही सटीक रूप से पता चल पाएगा कि यह हमला किसने और क्यों अंजाम दिया।
राष्ट्रपति का बयान — “यह हमला इंसानियत के खिलाफ है”
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस भयावह घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा:> “बेकसूर लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। मेरी संवेदनाएँ मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ।” राष्ट्रपति ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बेहतर इलाज और हर संभव सहायता तुरंत मुहैया कराई जाए।

मंत्री का संदेश — “देश का हौसला नहीं टूटेगा”-पार्लियामेंट्री अफेयर्स मंत्री डॉ. तारिक फज़ल चौधरी ने भी सोशल मीडिया के ज़रिये इस हमले की कड़ी निन्दा की है। उन्होंने कहा:> “ऐसी आतंकी घटनाएँ हमारे देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं। हमें एक साथ मिलकर शांति बनाए रखने के लिए खड़ा होना है और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों का समर्थन करना है, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस दर्दनाक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, और पाकिस्तान भर में सुरक्षा उपायों को और भी कड़ा कर दिया गया है।




