कानून-व्यवस्था, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना, कुंभ आयोजन और ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदमों को रेखांकित किया गया….
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के प्रशासनिक भवन स्थित पुस्तकालय कक्ष में उत्तर प्रदेश दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि सिद्धार्थनगर के पूर्व कुलपति व विश्वविद्यालय के लोकपाल प्रो. रजनीकांत पांडे रहे, जबकि अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार ने की। परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार व सहायक कुलसचिव डॉ. महेश कुमार श्रीवास्तव भी मंचासीन रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिसर रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों से सजा नजर आया। छात्र-छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया। संयोजक डॉ. वैशाली सिंह ने स्वागत भाषण दिया, वहीं कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्राध्यापकों ने भी मुख्य अतिथि का सम्मान किया। छात्र कामेश्वर गिरी के काव्य पाठ से कार्यक्रम को नई ऊर्जा मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से प्रदेश के विकास, शिक्षा व्यवस्था में हुए परिवर्तन, कानून-व्यवस्था, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना, कुंभ आयोजन और ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदमों को रेखांकित किया गया। प्रदेश का चर्चित लोकगीत ‘सोहर’ भी प्रस्तुत किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. रजनीकांत पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश केवल सवालों का प्रदेश नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और संघर्ष की भूमि है। उन्होंने आजमगढ़ को 1857 की क्रांति का केंद्र बताते हुए कहा कि यह धरती ऋषि-मुनियों और साहित्यकारों की रही है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालयों में 80 प्रतिशत गोल्ड मेडल छात्राएं प्राप्त कर रही हैं, जो सुखद संकेत है। साथ ही उन्होंने नई पीढ़ी को नशा व दिखावे से दूर रहने की सलाह दी ।उन्होंने कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्राध्यापकों से सहयोग का आह्वान किया। अंत में पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं शिवांगी, आशुतोष, युग सोनी, श्वेता, अदिति, श्रेया और मनसा को सम्मानित किया गया। कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि एवं डॉ. वैशाली सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, अधिकारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




