मेरठ : हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासे, प्रेम-प्रसंग से शुरू हुई कहानी ने लिया हत्या और अपहरण का रूप!

SHARE:

आरोपी पारस सोम व रूबी ट्रेन से गिरफ्तार, एक फोन ने आरोपी तक पहुँचाएं पुलिस के हाथ…….

मेरठ। जिले के कपसाड़ गांव में दलित महिला की नृशंस हत्या और उसकी बेटी रूबी के अगवा किए जाने के मामले में रोज़ नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ठाकुर युवक पारस सोम और दलित युवती रूबी के कथित प्रेम संबंधों से जुड़ा यह मामला अब उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। पुलिस जांच में सामने आई पूरी कहानी ने इस घटना को और भी जटिल व संवेदनशील बना दिया है।

तीन साल का प्रेम संबंध और रिश्ता तय होने से बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार, पारस सोम और रूबी के बीच पिछले करीब तीन वर्षों से प्रेम संबंध थे। इस रिश्ते की जानकारी गांव और परिवार के कई लोगों को भी थी। लेकिन हाल ही में रूबी का रिश्ता कहीं और तय हो जाने से दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी के बाद दोनों ने घर छोड़कर भागने की योजना बनाई। यह योजना कब एक जघन्य अपराध में बदल गई, किसी ने नहीं सोचा था।

खेत के रास्ते में हुआ विवाद, मां की हत्या

सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को रूबी अपनी मां सुनीता के साथ खेत की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में पारस ने रूबी को रोक लिया। मां ने जब इसका विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान रूबी भी पारस के पक्ष में खड़ी रही। इसी बीच पारस ने फरसे से सुनीता पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता वहीं गिर पड़ीं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इसके बाद पारस, रूबी को लेकर मौके से फरार हो गया।

गांव में तनाव, अंतिम संस्कार को लेकर हंगामा

घटना के बाद कपसाड़ गांव में तनाव का माहौल बन गया। मामला जातीय संवेदनशीलता से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक तापमान भी तेजी से बढ़ गया। पीड़ित परिवार ने पहले मां का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। काफी मान-मनौव्वल और प्रशासन की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सहित अन्य आश्वासनों के बाद करीब 30 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया जा सका। एहतियातन गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

फरारी की पूरी कहानी: खतौली से दिल्ली, गुरुग्राम और सहारनपुर तक

जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद दोनों पहले कपसाड़ से खतौली पहुंचे। 8 जनवरी को पारस रूबी को अपनी रिश्तेदारी में लेकर गया, जहां उसे अपनी मां की मौत की खबर मिली। इसके बाद दोनों दिल्ली पहुंचे और वहां एक होटल में रात बिताई। 9 जनवरी को वे गुरुग्राम गए, जहां पारस अपने एक दोस्त के पास रुका।

पारस लगातार मीडिया के जरिए गांव के हालात पर नजर बनाए हुए था। जब उसे गांव में बिगड़ते हालात की जानकारी मिली तो वह रूबी को लेकर ट्रेन से गुरुग्राम से सहारनपुर आ गया।

मोबाइल कॉल से खुली लोकेशन, रुड़की में गिरफ्तारी

सहारनपुर के टपरी गांव में पारस की बहन रहती है। शुक्रवार रात दोनों वहीं रुके। शनिवार 10 जनवरी को वे हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए। इसी दौरान पारस ने एक सहयात्री के मोबाइल से गांव के प्रैक्टिशनर डॉक्टर राजेंद्र को कॉल किया, जहां वह काम भी करता था। चूंकि पारस का मोबाइल पहले से सर्विलांस पर था, कॉल मिलते ही मेरठ पुलिस हरकत में आ गई।

मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क कर रुड़की रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कराई। ट्रेन पहुंचते ही दोनों को हिरासत में ले लिया गया। शनिवार शाम करीब 6:15 बजे गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ लाया गया।

कोर्ट में पेशी और नए मोड़ की आशंका- मेरठ लाए जाने के बाद आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों को स्पेशल सीजेएम के सामने पेश किया जा रहा है, जहां उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है। मौके पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक और सीओ सरधना आशुतोष भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस मामले में मृतका की बेटी रूबी को भी आरोपी बनाया जा सकता है, क्योंकि पुलिस के अनुसार वह इस पूरे घटनाक्रम में बराबर की साझेदार रही।

राजनीति में उबाल, विपक्ष का सरकार पर हमला

दलित-स्वर्ण, प्रेम-प्रसंग, हत्या और अपहरण जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। बहुजन समाज पार्टी, भीम आर्मी, समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलित और विपक्षी दलों के नेता पुलिस रोक के बावजूद गांव पहुंचने और बयानबाजी में जुटे हुए हैं। सरकार और प्रशासन पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कोर्ट की कार्यवाही और पुलिस की आगे की जांच से इस सनसनीखेज मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

ZFM Times
Author: ZFM Times

Leave a Comment