कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में पर्यटन की असीमित गुंजाइश…..
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ परिसर के शैक्षणिक भवन में आदित्य एवं पर्यटन विभाग द्वारा वृहद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआतअध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार के साथ-साथ मंचासीन सभी अतिथिगणों ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन में पर्यटन विभाग के तमाम दिग्गजों की उपस्थिति में आज वृहद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कुलपति जी ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि पर्यटन बड़े स्तर पर रोजगार प्रदान करता है , वर्तमान में भारत सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के पीछे मुख्य मकसद है कि हर हाल में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में पर्यटन की असीमित गुंजाइश है। प्रधानमंत्री मोदी जी स्वदेशी के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समाज को क्षेत्रवासियों को जनपदवासियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं ।
संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश लखनऊ के टीम लीडर पर्यटन विभाग श्री अजय कृष्णा जीने कहा कि वर्तमान में पर्यटन रोजगार की जननी बन चुका है साथ ही साथ यह श्रम शक्ति के पलायन को भी रोकता है । नवीन सिंह पर्यटन अधिकारी आजमगढ़ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया है।
सह आयोजक हिमांशु शेखर ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्व पर्यटन दिवस एक वैश्विक उत्सव है जो हर साल मनाया जाता है। पर्यटन के महत्व और उसके सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक भाव को उजागर करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम की आयोजिका डॉ. वंदना गिरी ने आयोजन में पधारे विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति ,अजय कृष्णा जी, एवं नवीन जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन समिति के सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, प्राध्यापकगण, एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।




