महारैली बसपा की ताकत देख सुरु हुई राजनीतिक पंडितों में बहस…..
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भव्य ‘श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम एवं महारैली’ का आयोजन किया। कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित इस रैली की अध्यक्षता पार्टी सुप्रीमो मायावती ने की। पार्टी ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में लगभग पांच लाख लोगों ने भाग लिया।
यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम ही नहीं बल्कि बीएसपी की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी माना जा रहा है, जिस पर देशभर की राजनीतिक निगाहें टिकी रहीं।
मायावती ने रैली में अपने संबोधन में बीजेपी, सपा और कांग्रेस—तीनों दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की योजनाएँ कागज़ों तक सीमित हैं और आम जनता तक उनका लाभ नहीं पहुँचता।
सपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने “कांशीराम जी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया” और कासगंज का नाम बदलकर उनका अपमान किया।
कांग्रेस पर भी तंज कसते हुए मायावती ने कहा कि यह पार्टी बहुजन समाज के साथ कभी ईमानदार नहीं रही।
बीएसपी प्रमुख ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी, क्योंकि “गठबंधन की सरकारें टिकाऊ नहीं होतीं।”

रैली की एक और अहम बात यह रही कि मायावती के साथ मंच पर भतीजे आकाश आनंद पहली बार प्रमुख भूमिका में नजर आए। आकाश आनंद को पार्टी में मायावती के बाद दूसरा सबसे बड़ा चेहरा माना जा रहा है। उनकी मौजूदगी को बीएसपी में नई पीढ़ी के नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।
कार्यक्रम के लिए बीएसपी ने पहले से 10 सदस्यीय तैयारी समिति बनाई थी। प्रदेशभर से हजारों बसों के जरिए कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे। आजमगढ़, वाराणसी, नोएडा, दादरी सहित कई जिलों से करीब 200 से अधिक बसें राजधानी पहुंचीं। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष इंतज़ाम किए थे।
इस बीच, मायावती के भाषण पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीएसपी पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि “जो ज़ुल्म करने वालों के आभारी हैं, वो असल में उनके साथी हैं।”
वहीं कांग्रेस ने भी टिप्पणी की कि मायावती बीजेपी के इशारे पर राजनीति कर रही हैं।
मायावती ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अन्य दल “दोहरे मापदंड” अपनाते हैं और “बहुजन आंदोलन से डरते हैं।”
उन्होंने कहा कि बीएसपी का संघर्ष “कांशीराम के मिशन और विचारों” को आगे बढ़ाने के लिए जारी रहेगा।
> संक्षेप में:
रैली में लगभग 5 लाख लोगों की भागीदारी का दावा
2027 में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा
मायावती ने सपा, कांग्रेस और बीजेपी पर साधा निशाना
आकाश आनंद पहली बार बड़े मंच पर दिखे
विपक्ष ने बीएसपी पर बीजेपी से नजदीकी के आरोप लगाए




