“अनेकता में एकता ही भारतीय समाज की खूबसूरती”_प्रो.रजनीकांत पांडे
आजमगढ़। राजभवन के निर्देश एवं कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में हर घर तिरंगा- 2025 कार्यक्रम के तहत आज दिन बुधवार महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के परिसर में स्थित सेमिनार हाल में आयोजित एकदिवसीय विशेष व्याख्यान कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया, विश्वविद्यालय की प्राध्यापिकाओं डॉ .वैशाली सिंह एवं डॉ.प्रियंका सिंह ने सर्वप्रथम मां सरस्वती की आराधना कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। फिर इन्हीं प्राध्यापिकाओं ने विश्वविद्यालय का खूबसूरत कुलगीत प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमय बनाते हुए कार्यक्रम का विधिवत आगाज किया।मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि ज्ञानात्मक, भावनात्मक और मूल्यांकनात्मक शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, उक्त अभिकथन उन्होंने राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान “राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया भारत में लैंगिक पहचान और सांस्कृतिक राजनीतिक के परिपेक्ष ” में बताई उन्होंने यह भी कहा की वास्तविक विषय से जुड़ाव ही ज्ञान प्राप्ति का उत्तम साधन है।
कार्यक्रम की वक्ता जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया में राजनीति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी चौबे ने सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कहा कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में लैंगिक पहचान और सांस्कृतिक राजनीति जरूरी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पधारे दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति का दायित्व निभा चुके रहे प्रोफेसर रजनीकांत पांडे जी ने कहा कि आजादी के अमर सपूतों के सांस्कृतिक आंदोलन की चर्चा की और कहा कि भारतीय समाज में अनेकता का समावेश है पश्चिमी देशों ने भारत को समझने में काफी ऊर्जा खत्म की भारत को जादू टोने का देश बताया आज भारत के अधिकतर लोग मुख्य धारा में शामिल है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि सिंह ने किया, स्वागत भाषण शुभम राय तथा धन्यवाद ज्ञापन संयोजक सूर्य प्रकाश अग्रहरि ने किया, विश्वविद्यालय महिला अध्ययन केंद्र की प्रभारी एवं कार्यक्रम की संयोजिका डॉ.प्रियंका सिंह ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों को तथा आए हुए आगंतुक एवं विशिष्ट जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में त्रिशिका श्रीवास्तव , डॉ.दीक्षा उपाध्याय, डॉ रोहित पांडे, डॉ.संतोष चौरसिया, डॉ.हिमांशु शेखर सहित तमाम शिक्षक गण एवं विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहें।




